रांची, अप्रैल 5 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा है कि पदोन्नति जैसी व्यक्तिगत और महत्वपूर्ण सूचनाओं के लिए केवल सार्वजनिक विज्ञापन देना पर्याप्त नहीं है। विभागों को अपने कर्मचारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना अनिवार्य है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि नियोक्ता और कर्मचारी के बीच संबंध विश्वास और सीधे संवाद पर आधारित होता है। पदोन्नति किसी भी कर्मचारी के करियर का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, ऐसे में विभाग यह मानकर नहीं चल सकता कि हर कर्मचारी प्रतिदिन अखबारों के विज्ञापन देख रहा होगा।जूनियर इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) पद पर पदोन्नति से जुड़े मामले में राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों को तकनीकी कारणों से पदोन...