बिजनौर, अक्टूबर 4 -- राधा-कृष्ण विवाह मंडप में चल रही श्री शिवमहापुराण कथा का छठे दिन विधिवत समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन बाल व्यास श्री कृष्ण शरण महाराज ने शिवमहापुराण के पार्वती खंड में वर्णित भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का प्रसंग सुनाया। भगवान शिव की बारात नंदी पर सवार होकर ढोल-नगाड़ों के साथ धूमधाम से निकाली गई। बारात में भूतों की वेशभूषा में शामिल बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे। शिव-पार्वती की सुंदर झांकी प्रस्तुत की गई और जयमाला के साथ विवाह संपन्न कराया गया। बाल व्यास ने कहा कि भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का नियमित जाप करने से मनुष्य का कल्याण होता है। भजन-कीर्तन से कथा पंडाल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने राधे-राधे, जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। कथा में यजमान जगदीश सिंह, ऊषा देवी, दीपक कुमार, पूजा ...