ढाई हजार की पूंजी, करोड़ों का सपना : किसान ने मशरूम से रची सफलता की कहानी
लखनऊ, जून 15 -- राकेश श्रीवास्तव, रामसनेहीघाट, बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट क्षेत्र में एक छोटा सा गाँव है, भेदुआ ब्रह्मनान। यहाँ की मिट्टी, यहाँ के खेत और यहाँ के लोग सब कुछ आम थे। लेकिन इसी गाँव के एक साधारण किसान दिलीप वर्मा ने कुछ ऐसा कर दिखाया जो असाधारण है। जब दिलीप ने पहली बार मशरूम की खेती शुरू की, तो उनके पास न कोई बड़ी पूँजी थी, न कोई सरकारी सहायता, न ही कोई बड़ा प्रशिक्षण। थी तो बस एक जुनून कि खेती को घाटे का सौदा नहीं रहने देंगे। जेब में केवल ढाई हजार रुपये थे, लेकिन इरादों में करोड़ों की ताकत थी। आज वही दिलीप वर्मा करोड़ों रुपये के कारोबार के मालिक हैं। 14 कोल्ड रूम, सैकड़ों कर्मचारी, 80 बीघे की ऑर्गेनिक खेती और प्रदेशभर की मंडियों तक फैला एक मजबूत नेटवर्क। और यह सब बिना एक रुपये के सरकारी अनुदान के।...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.