नई दिल्ली, फरवरी 8 -- शनि की चाल बाकी ग्रहों के मुकाबले सबसे धीमी मानी जाती है। यही वजह है कि शनि करीब ढाई साल में एक बार राशि बदलते हैं। साल 2027 में शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर का असर सिर्फ राशियों पर ही नहीं, बल्कि साढ़ेसाती और ढैय्या के पूरे गणित पर पड़ेगा। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, शनि के मेष में जाते ही कई लोगों को लंबे समय से चल रही परेशानियों से राहत मिल सकती है। शनि को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। जब शनि अपनी राशि बदलते हैं, तो लोगों के जीवन में चल रही स्थितियों में धीरे-धीरे बदलाव दिखने लगते हैं। कहीं जिम्मेदारियां बढ़ती हैं तो कहीं पुराने अटके काम आगे बढ़ने लगते हैं। 2027 में 3 जून को शनि मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। 2027 में शनि के मेष राशि में जाने से कई राशियों पर चल रहा दबाव ...
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