बागेश्वर, जुलाई 22 -- देवेंद्र पांडे, बागेश्वर। ढाई वर्ष पुराने बहुचर्चित दिनेश चंद्र भट्ट मृत्यु प्रकरण में सत्र न्यायालय ने उनकी पत्नी दया भट्ट को हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोपों से दोषमुक्त करार दिया है। सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष भारतीय दंड संहिता की धारा 304 और 201 के तहत लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। मामला 18 मार्च 2024 को गरुड़ के गोलू मार्केट क्षेत्र में दिनेश चंद्र भट्ट की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से जुड़ा था। मृतक के भाई ने 28 मार्च 2024 को बैजनाथ थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पारिवारिक विवाद के दौरान दया भट्ट ने अपने पति के साथ मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई। साथ ही खून से सने कपड़े जलाकर साक्ष्य नष्ट करने का भी आरोप लगाया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया...