ढाई माह में ही क्षतिग्रस्त होकर गिरने लगी घंटाघर की टाइलें, जानिए क्यों खास है यह
गोरखपुर, जून 19 -- राजीव दत्त पाण्डेय गोरखपुर। ढाई माह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों लोकार्पित स्वतंत्रता आंदोलन को स्मृति को समेटे ऐतिहासिक घंटाघर की की यादें जुड़ी हैं। तकरीबन एक करोड़ रुपये की लागत से घंटाघर का सौंदर्यीकरण किया गया था लेकिन इस घंटाघर की टाइलें क्षतिग्रस्त होकर गिर रही हैं। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं। मुख्य अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि जल्द ही घंटाघर की क्षतिग्रस्त टाइलों की मरम्मत कराई जाएगी।
घंटाघर का ऐतिहासिक महत्व विरासत गलियारा में घंटाघर जिस स्थान पर घंटाघर है, वहां देश के प्रथम स्वातंत्र्य समर के दौरान विशाल पाकड़ का वृक्ष हुआ करता था। इसी वृक्ष पर आजादी की पहली लड़ाई में कई स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई थी। 19 दिसंबर 1927 को काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक पंडित रामप्रसाद बिस्मि...
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