बिहारशरीफ, फरवरी 5 -- ढकनिया गांव में 60 साल से बकरी पालन पर है प्रतिबंध फसल बर्बादी बनी थी झगड़े की वजह, पूर्वजों ने बैठक कर लिया था फैसला ताड़ के पेड़ हैं पर ताड़ी नहीं उतरती, शराबबंदी से पहले ही नशामुक्त है गांव फोटो: ढकनिया: चंडी के ढकनिया गांव जाने वाली मुख्य सड़क। बिहारशरीफ/चंडी, हमारे संवाददाता। बिहार के अधिकतर गांवों में दरवाजे पर बंधी गाय-भैंस और बकरियां दिख जाएंगी। लेकिन चंडी के गंगौरा पंचायत अंतर्गत ढकनिया गांव में पिछले 60 सालों से किसी भी घर में बकरी नहीं पाली जाती। इतना ही नहीं, यहां ताड़ के सैकड़ों पेड़ तो हैं। लेकिन, उनसे ताड़ी नहीं उतारी जाती। शराबबंदी कानून लागू होने से पहले ही लोगों ने आपसी विवाद खत्म करने के लिए खुद कानून बना लिया था। यह गांव आज स्व-अनुशासन और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। ग्रामीण मुकेश सिं...
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