कानपुर, मार्च 1 -- ड्रोन और यूएवी (अनमैंड एयर व्हीकल) में होने वाली विभिन्न तकनीकी खामियों को आईआईटी कानपुर दूर करेगा। जिससे न सिर्फ रक्षा के क्षेत्र में देश आत्मनिर्भर हो सके बल्कि कृषि समेत अन्य सेक्टर में भी इसका प्रभावी उपयोग किया जा सके। संस्थान में बने ड्रोन के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अनुसंधान व नवाचार कर तकनीक को प्रभावी बनाया जाएगा। हालांकि वर्तमान में आईआईटी कानपुर आत्मघाती व आपदा में उपयोगी शामिल होने वाले ड्रोन के साथ कृषि में चिकित्सा में सहयोगी ड्रोन भी बना रहे हैं। आईआईटी कानपुर में पिछले एक साल के दौरान उप सेनाध्यक्ष से लेकर सेना की विभिन्न कमांड के प्रमुख ने भ्रमण कर अनुसंधान व नवाचार की जानकारी ली थी। इस दौरान सेना के अधिकारियों ने वैज्ञानिक व स्टार्टअप्स को रक्षा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों से अवगत कराने के साथ इसक...