नई दिल्ली, अप्रैल 5 -- मदन जैड़ा नई दिल्ली। युद्ध में ड्रोन की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में भी विभिन्न प्रकार के ड्रोन का खूब इस्तेमाल हुआ है। ड्रोन अब हर देश की रक्षा रणनीति का हिस्सा बन रहा है। इन सबके बीच रक्षा मंत्रालय ने ड्रोन की बढ़ती भूमिका को देखते हुए इससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया है। मंत्रालय का मानना है कि यदि इन सुरक्षा चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो जब युद्ध चरम पर होगा तो दुश्मन आसानी से ड्रोन को हैक कर सकता है।रक्षा मंत्रालय ने विभिन्न पक्षों से सलाह-मशविरा करके ड्रोन की सुरक्षा को लेकर एक फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसमें कहा गया है कि भारत में ड्रोन निर्माण में तेजी आई है और सेनाएं अपनी जरूरत के ज्यादातर ड्रोन देश में तैयार करवाने में सक्षम हैं...