जमशेदपुर, मार्च 22 -- भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने देश में स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) और शिक्षा से वंचित बच्चों को पुनः मुख्यधारा में लाने के लिए व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा तैयार की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत वर्ष 2030 तक प्री स्कूल से माध्यमिक स्तर तक 100% सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) हासिल करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) को अब हर प्रखंड (ब्लॉक) स्तर पर सुलभ बनाया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन लाखों बच्चों को शिक्षा का अवसर प्रदान करना है, जो आर्थिक, सामाजिक या भौगोलिक बाधाओं के कारण नियमित स्कूलों में जाने में असमर्थ हैं। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, हर साल कक्षा 3 से 8 के करीब 11% बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं। इस संकट के समाधान के लिए शिक्षा विभाग एनआईओए...