नई दिल्ली, अगस्त 4 -- शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में जो कड़वाहट शुरू हुई थी, वह थमने का नाम नहीं ले रही है। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के बाद तारिक रहमान के दौर में भी हालात बेहतर नहीं हो सके। हालांकि शुरुआत में थोड़ी सकारात्मकता दिखी, लेकिन आखिरकार ढाका चीन के कूटनीतिक और आर्थिक जाल में उलझ गया। अब चीन निवेश के बहाने बांग्लादेश को अपने J-10CE मल्टीरोल लड़ाकू विमान बेचने जा रहा है। भारतीय रक्षा विशेषज्ञों की नजर में यह सौदा सिर्फ हथियारों की खरीद-फरोख्त नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया के हवाई ताकत के संतुलन को बिगाड़ने वाली एक बड़ी रणनीतिक चाल है।2.2 अरब डॉलर का सौदा: केवल प्लेन नहीं, पूरा चीनी नेटवर्क सूत्रों के मुताबिक, यह करीब 2.2 अरब डॉलर (लगभग 18 हजार करोड़ रुपए) का सरकारी समझौता है। इसमें सिर्फ 24 फा...