सिद्धार्थ, मई 19 -- सिद्धार्थनगर, निज संवददाता। जिले में तेल का संकट बना हुआ है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं पंप बंद हैं तो कहीं पर डीजल है तो कहीं पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। पेट्रोल-डीजल की क्राइसिस कंपनियों की ओर से पेट्रोल पंप संचालकों का कोटा कम करने से और अधिक बढ़ गई है। रसोई गैस की किल्लत भी वैसी ही बनी हुई है। बुक करने के बाद मिलने में 10 से 15 दिन लग जा रहे हैं।

ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध का असर ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध के बाद से ही जिले में पेट्रोल-डीजल का संकट जो खड़ा हुआ वह आज भी जारी है। तेल की कमी से कंपनियों ने भी कोटा कम कर दिया है। एक पखवारा से पंपों का कोटा 30 फीसदी कम कर दिया गया है। अगर पिछले साल पंप वाले को 12 टैंकर तेल मई माह में मिला था तो उसे इस बार आठ ही मिलना है। तेल कम होने से इसका सीधा असर वाहन चालकों व...