धनबाद, जनवरी 15 -- धनबाद, विशेष संवाददाता। क्रिटिकल मिनरल के खनन, व्यावसायिक विकास और माइन क्लोजर जैसे मुद्दों पर ड्यूक विश्वविद्यालय से कोल इंडिया तकनीक सहयोग पर बात कर रही है। ड्यूक विवि का प्रतिनिधिमंडल कोल इंडिया चेयरमैन से मिला और विस्तार से बात हुई। कोल इंडिया की ओर से कहा गया कि भविष्य की रणनीति और सतत खनन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण है। कोल इंडिया क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए सक्रिय है, जिसके तहत उसने आईआरईएल, हिन्दुस्तान कॉपर और मध्य प्रदेश सरकार आदि के साथ एमओयू (समझौते) किए हैं, ताकि दुर्लभ मृदा तत्व, लिथियम, कोबाल्ट जैसे खनिजों की खोज, खनन, प्रसंस्करण और आपूर्ति शृंखला विकसित की जा सके और विदेशों में खदानें भी अधिग्रहित की जा सकें, ताकि स्वच्छ ऊर्...