वाराणसी, जुलाई 8 -- वाराणसी। बेटी नहीं है बोझ, आओ बदले सोच की प्रणेता एवं राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार सदस्य डॉ. शिप्रा धर एआरटी (असीसटेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी) की सदस्य नियुक्त हुई है। एआरटी का कार्य आईवीएफ क्लीनिक पर निगरानी करना होता है। विदित हो की डॉ. शिप्रा के नर्सिंग होम में यदि कोई बेटी पैदा हो तो वे उस डिलेवरी को निःशुल्क कराती है। अब तक 775 बेटियों का जन्म अपने अस्पताल में करा कर एक कीर्तिमान स्थापित कर चुकी हैं। डॉ. शिप्रा 40 बच्चियों को गोद ले कर उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाती हैँ। इसके साथ ही 40 जरूरतमंद महिलाओं को प्रत्येक महिने के पहली तारीख को एक महीने का पूरा अनाज वितरण का कार्य भी करती हैं।

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