पटना, मई 3 -- 'डॉ. शंकर प्रसाद का साहित्यिक-सांस्कृतिक जीवन समाज के लिए प्रेरणादायी है। उनपर केन्द्रित पुस्तक 'जीवन पथ पर अविराम चला' भारत की साहित्यिक परंपरा का सुंदर उदाहरण है।' ये बातें बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहीं। मौका था बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में डॉ. शंकर प्रसाद के जीवन पर केन्द्रित पुस्तक 'जीवन पथ पर अविराम चला' का लोकार्पण का। मुख्य अतिथि और बिहार के निवर्तमान कला-संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि डॉ. शंकर प्रसाद के जीवन में घुला साहित्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। बिहार विधान परिषद सदस्य और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राज वर्धन आलाद ने उन्हें आवाज की दुनिया का जादूगर बताया।

सम्मेलन का आयोजन सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि डॉ. शंकर के विविधतापूर्ण जीवानुभवों से अर्जित ...