लखनऊ, मई 22 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में दुर्घटना, न्यूरोसर्जरी और तंत्रिका संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बहुत अधिक है। इसी मरीज भार को शोध के अवसर में बदलते हुए केजीएमयू में उन्नत एमआरआई, डिफ्यूजन इमेजिंग और एआई आधारित मेडिकल इमेजिंग पर काम किया जा रहा है। ये बात केजीएमयू के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के फैकल्टी सदस्य डॉ. दुर्गेश कुमार द्विवेदी ने दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित इंटरनेशनल सोसायटी फॉर मैग्नेटिक रेजोनेंस इन मेडिसिन 2026 की वार्षिक बैठक में कही। कार्यक्रम में वो भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।उन्होंने बताया कि भारत में ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी एक बड़ी जनस्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। कई मरीजों की सामान्य एमआरआई रिपोर्ट ठीक दिखाई देती है लेकिन बाद में उन्हें याददाश्त, सोचने-समझने और तंत्रिक...