कानपुर, मई 30 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। डायनिंग टेबल पर सुकून से बैठकर खाना खाने वाली डॉ. अनुष्का को जेल की रोटी अच्छी नहीं लग रही है। किसी दिन वह एक रोटी खाती है तो कभी थोड़ा सा चावल दाल खाकर काम चलाती है। जेल में उसकी दिनचर्या सामान्य बंदियों की तरह ही है लेकिन स्वास्थ्य कुछ ठीक नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाइजीन का पूरा ख्याल रखने वाली अनुष्का को जेल की बैरक में 90 महिला बंदियों के साथ रहना पड़ रहा है। जेल की सलाखों में वह 14 घंटे बंद रहती है। सुबह गिनती के लिए लाइन में खड़े होना और लाइन में लगकर ही खाना और नाश्ता लेना अनुष्का की दिनचर्या बन गया है। इंपायर क्लीनिक चलाने वाली डॉ. अनुष्का ने 26 मई को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया था। अनुष्का को जिस बैरक में रखा गया है, उसमें 90 महिला बंदी हैं। अखबार में अपनी खबरें भी पढ़ती है, फिर कहती ...