पलामू, अप्रैल 7 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। सदर प्रखंड रजवाडीह मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक परशुराम तिवारी एवं शिक्षाविद हरिशंकर मिश्र ने डॉ विश्वनाथ ओझा के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। परशुराम तिवारी ने कहा है कि वे चिकित्सीय विश्वसनीयता के पर्याय थे। उनकी चिकित्सा शैली में बीमारों के प्रति संवेदनशीलता का गहन पुट था। चिकित्सा के क्रम में मरीजों व उनके परिजनों के बेशुमार सवालों से वे कभी-कभी खीझ जाते थे,किन्तु उनके खीझने में भी रीझने वाली बात रहती थी। लोग चटखारे लेकर आज भी उनके दिलचस्प संवादों का जिक्र करते हैं। डॉ विश्वनाथ ओझा का मतलब था-कम दवा,कम जांच,कम बात व कम खर्च में सटीक इलाज।अगर उन्हें लगता कि यह मेरा केस नहीं तो वे उचित परामर्श के साथ फीस लौटा देते थे। उन्होंने कहा कि पलामू इन दिनों गमों के चपेट में है। हम एक-एक कर समाज के अग्...