फतेहपुर, मई 31 -- फतेहपुर। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के तहत रविवार को सरकारी दावों की जमीनी हकीकत पूरी तरह उखड़ी नजर आई। जिले के कई स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को न तो डॉक्टर मिले और न ही भीषण गर्मी से राहत के लिए बिजली-पानी की बुनियादी सुविधा मिल सकी। एक तरफ जहां एपीएचसी किशनपुर में दोपहर तक डॉक्टर के नदारद रहने से फार्मासिस्ट ही मरीजों की ओपीडी देखते रहे, वहीं दूसरी तरफ विजयीपुर पीएचसी में बत्ती गुल होने और जनरेटर-वाटर कूलर के बंद रहने से मरीज और स्टाफ पसीने से तरबतर होने को मजबूर दिखे। जन आरोग्य मेलों में सबसे चिंताजनक स्थिति एपीएचसी किशनपुर में देखने को मिली। यह भी पढ़ें- 1522 मरीजों को मिला आरोग्य मेला का लाभ यहां दोपहर तक 17 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, लेकिन कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। फार्मासिस्ट जगजीत सिंह अकेले मरीजों को देख रहे थे...