नई दिल्ली, मार्च 6 -- अक्सर परिवार और काम की जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं अपनी मेंटल हेल्थ साइड कर देती हैं। वे बाहर से शांत और स्थिर बेशक दिखें लेकिन अंदर काफी कुछ चल रहा होता है। लगातार नेगेटिव विचार आना, ओवरथिंकिंग, स्ट्रेस, खुद के बारे में भला-बुरा सोचना, चिंता करना या फिर भविष्य का डर दिमाग में बैठना, ये कुछ सामान्य पैटर्न हैं, जो कई महिलाएं डेली बेसिस पर एक्सपीरियंस करती हैं। डॉ स्नेहल बताती हैं कि आपकी बॉडी इन संकेतों को डेंजर के तौर पर लेती है, जिससे कोर्टिसोल हार्मोन लगातार बढ़ता रहता है। इसी बढ़े हुए कोर्टिसोल की वजह से बॉडी में इंबैलेंस होता है और कई बीमारियां जन्म ले सकती हैं। तो आइए जानते हैं नेगेटिव सोच महिलाओं में किन बीमारियों का कारण बन सकती है।स्ट्रेस हार्मोन बढ़ने से हो सकता है पीसीओएस (PCOS) जब आप लगातार नेगेटिव सोचती ...
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