हिन्दुस्तान ब्यूरो, जून 23 -- बिहारी प्रतिभा अब उच्च विद्यालयों में ही तराशे जाएंगे। राज्य की सम्राट चौधरी सरकार ने अपने प्रतिभावान बच्चों को मैट्रिक के पहले नौवीं कक्षा से ही करियर चुनने का अवसर उपलब्ध कराएगी। सरकार का प्लान है कि स्कूलों में इसके लिए स्पेशल क्लास कराए जाएं ताकि वो (छात्र) डॉक्टर बनना या इंजीनियर, यह तय कर सकेंगे। राज्य सरकार ने इसकी तैयारी कर ली है। जानकरी के मुताबिक, फिलहाल राज्य के मॉडल स्कूलों से इसका प्रारंभिक प्रयोग प्रारंभ होगा। प्रयोग सफल होने पर आगे इसका विस्तार किया जाएगा। शिक्षा विभाग मॉडल स्कूल को बच्चों की प्रतिभा निखारने का प्लेटफॉर्म बनाना चाहता है। विभाग ने कक्षा 9वीं से ही इच्छुक बच्चों को मनपसंद करियर चुनने और इसके लिए विशेष अध्ययन की व्यवस्था करने की योजना बनाई है। उन्हें 9वीं से ही मेडिकल और इंजीनियरि...