वाराणसी, मार्च 17 -- वाराणसी। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार को 'सॉफ्ट स्किल्स एवं संप्रेषण कौशल' पर आधारित दो दिनी कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। उद्घाटन कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में प्रभावी संवाद केवल सुझाव देने से नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और सतत अभ्यास से विकसित होता है। यदि चिकित्सक स्वयं तनावग्रस्त हो जाए, तो उपचार की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसलिए संवाद कौशल एवं भावनात्मक संतुलन का प्रबंधन आवश्यक है। उन्होंने अस्पतालों में सॉफ्ट स्किल्स प्रशिक्षण तथा काउंसलरों की उपलब्धता पर बल देते हुए कहा कि इससे मरीजों एवं परिजनों से बेहतर संवाद किया जा सकता है। आईएमएस के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि चिकित्सा पेशा मूलतः मानवता की निःस्वार्थ सेवा पर आधारित है। ट्रॉमा सेंटर इंचार...