नई दिल्ली, दिसम्बर 27 -- हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। यह विवाद आईजीएमसी (IGMC) शिमला के डॉक्टर राघव नरूला की सेवा समाप्ति (Termination) के बाद शुरू हुआ, जिन पर एक मरीज के साथ मारपीट का आरोप लगा था। हालांकि एक वीडियो में दोनों पक्ष भिड़ते नजर आ रहे हैं, लेकिन जांच समिति ने डॉक्टर को दोषी मानते हुए उन्हें नौकरी से निकाल दिया। डॉक्टरों का कहना है कि यह फैसला गलत है और वे डॉक्टर नरूला को वापस काम पर रखने और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। इस हड़ताल के कारण मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिमला के प्रमुख अस्पतालों में ओपीडी (OPD) और रूटीन सर्जरी बंद कर दी गई हैं, जिससे दूर-दराज के इलाकों स...
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