नई दिल्ली, फरवरी 20 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल के 154 डॉक्टरों द्वारा दायर याचिका पर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) और अन्य से जवाब मांगा है। याचिका में राज्य के स्व-वित्तपोषित संस्थानों और सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को मानदेय (स्टाइपेंड) दिये जाने का अनुरोध किया गया है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ ने एनएमसी, केरल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय और अन्य को नोटिस जारी कर चिकित्सकों द्वारा दायर याचिका पर जवाब मांगा है। वकील तन्वी दुबे के माध्यम से दायर अपनी याचिका में डॉक्टरों ने केरल के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अनिवार्य इंटर्नशिप कर रहे याचिकाकर्ताओं को स्वीकृत मानदेय न दिए जाने और उसे रोके रखने के 'अन्यायपूर्ण और मनमाने' कृत्य को चुनौती दी है। याचिका में तर्क दिया ...
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