सिद्धार्थ, फरवरी 28 -- सिद्धार्थनगर, हिन्दुस्तान टीम। जिले में डॉक्टरों का प्रमाणपत्र सिर्फ पंजीकरण तक ही सीमित है जबकि अल्ट्रासाउंड कोई और कर रहा है। इतना ही नहीं गंभीर मामलों का अल्ट्रासाउंड अप्रशित हाथों से हो रहा है। इससे लोगों के जान का भी खतरा है। आरटीआई कार्यकर्ता देवेश मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, एडी हेल्थ, डीएम व सीएमओ को पत्र भेज कर मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। दरअसल जिले में सिर्फ 87 अल्ट्रासाउंड केंद्र पंजीकृत हैं जबकि कई अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। पंजीकृत केंद्रों में से आधे से अधिक अल्ट्रासाउंड केंद्र दूसरे जिले के डॉक्टरों के नाम पर हैं। इनमें इलाहाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, मऊ, बस्ती, गोपालगंज, बलरामपुर, देवरिया, आगरा, लखनऊ, कानपुर, सोनभद्र, बहराइच, रोहतास, देलही, गाजियाबाद, बाराबंकी फतेहपुर...