समस्तीपुर, फरवरी 1 -- पूसा। पशु चिकित्सा महाविद्यालय खुलने से उत्तर बिहार के क्षेत्र में डेयरी व मुर्गी फार्म जैसे रोजगार विस्तार हो सकेगा। इसकी मदद से नस्ल सुधार के साथ रोगों के तुरंत निदान व ईलाज से पशुधन की मृत्युदर में कमी आयेगी। स्वस्थ पशु अधिक दूध उपलब्ध करायेगा। जो किसानों को आर्थिक रूप से सबल बनायेगा। वहीं बकरी पालन, मुर्गी पालन जैसे रोजगार का विस्तार लोगों खासकर युवाओं व ग्रामीण महिलाओं को इससे जुड़कर रोजगार के लिए प्रेरित करेगा। युवा पीढ़ी डिप्लोमा, डिग्री जैसे रोजगारन्मुख कोर्स के माध्यम से अपने कैरियर को संवार सकेंगे। इस कड़ी में पशुओं के ईलाज, सर्जरी और देखभाल जैसे कार्य स्वरोजगार के अवसर बढ़ायेगा। डेयरी में यह क्षेत्र में काफी आगे है। वर्तमान में प्रखंड व आसपास के क्षेत्रों में कई डेयरी संचालक दूध के उत्पादन अपने ब्रांडो से बाजा...