पलामू, मई 31 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमआरएमसीएच) के डेंटल ओपीडी के लगभग एक तिहाई मरीज तम्बाकू की लत से ग्रसित होते है। ओपीडी में खराब हो चुके भाग का इलाज होता है। शेष भागों को बचाने के लिए मरीज को काउंसलर के पास भेज दिया जाता है। काउंसलर विभिन्न प्रक्रमों को अपनाकर मरीज से तम्बाकू की लत को छुड़ाते है। सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आम तौर पर तम्बाकू का सेवन लोग दो प्रकार से करते है। एक तंबाकू के रूप में सीधे खाकर वही दूसरे रूप में बीड़ी सिगरेट में भरकर पीकर। जो लोग चबाकर खाते है। यह भी पढ़ें- तम्बाकू सेवन नहीं करने की ली शपथ, तम्बाकू सेवन से कैंसर की संभावना वे मुंह की कैंसर, दांत की खराबी, ग्लोसाइटिक आदि से पीड़ित होते है। पीने वाले लोग फेफड़ा संबंधित रोग, आजमा, टीबी सहित अन्य गंभीर बीम...