गुमला, अक्टूबर 14 -- डुमरी। नवाडीह पंचायत के डूमरडांड गांव में आदिवासी समुदाय का प्रमुख पर्व करम बड़ी धूमधाम और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। गांव के युवाओं और महिलाओं ने मांदर, नगाड़ा और करताल की थाप पर नाचते-गाते हुए जंगल से करम डाली लाकर अखरा में स्थापित की और प्रकृति के प्रति आस्था व्यक्त की। पुजारी सुभाष भगत के नेतृत्व में करम धरम देवता की पूजा-अर्चना की गई और गांववासियों की सुख-समृद्धि की कामना की गई। रातभर पारंपरिक करम गीतों और नृत्य से पूरा गांव उत्सव के रंग में डूबा रहा। पर्व के अगले दिन करम डाली को पूरे गांव में घुमाया गया, घर-घर दर्शन कराए गए और अंत में पारंपरिक जुलूस के साथ नदी में विसर्जन किया गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...