मेरठ, अप्रैल 13 -- एनजीटी के आदेश पर डूंगर गांव में 100 साल पुरानी चर्म शोधन कारखाने पर सोमवार को प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सील लगाने की कार्रवाई की। इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी रोटी का संकट गहरा गया है। डूंगर गांव में गत सौ सालों से लगभग 150 परिवार चर्म शोधन कारखाने में काम कर अपनी जीविका चला रहे थे। यह कारखाना वर्ष 2004 में केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत 4 करोड़ रुपयों के बजट से उच्चीकृत किया गया था। उस समय समूह बनाकर काम करना शुरू किया गया था। एक कमेटी भी समूह चलने के लिए गठित की गई थी, लेकिन समूह कर कमेटी के गठन की कार्रवाई कुछ वर्षों तक तो रिन्यूअल कराया गया, लेकिन अब बगैर अनुमति के ही अवैध रूप से चमड़ा रंगने का कार्य चल रहा है। यह भी पढ़ें- ग्रामीण ने मवाना तहसीलदार कार्यालय में किया आत्मदाह का...