नई दिल्ली, फरवरी 28 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली विश्वविद्यालय के 102वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति एवं कुलाधिपति सीपी राधाकृष्णन ने 120408 विद्यार्थियों को डिजिटल डिग्रियां जारी कीं। इस दौरान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दीक्षांत केवल शैक्षणिक समापन नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने स्नातकों को विकसित भारत के सपने का वास्तुकार बताते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। समारोह में 'बुक ऑफ हाइलाइट्स' का भी विमोचन किया गया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि महान विश्वविद्यालय केवल भौतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और मूल्यों की स्थापना से पहचाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि डिग्री केवल एक प्रमाणपत्र है, वास्तविक शिक्षा व्यक्ति की जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और आचरण से ...