सहरसा, जून 22 -- सहरसा, निज प्रतिनिधि। रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय ने कोसी की लाइफलाइन सहरसा-मानसी रेलखंड को उपेक्षित छोड़ रखा है। उपेक्षा का ही परिणाम है कि सहरसा-मानसी रेललाइन दोहरीकरण कार्य की लागत राशि घटाए जाने के बाद भी इसे अब तक मंजूरी नहीं मिली है। कभी इसका फाइल जोन तो कभी रेलवे बोर्ड में अटका रहता है। सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि 42 रूट किमी वाली रेलखंड की डीपीआर राशि कई दफे घटाई जा चुकी है, फिर भी मंजूरी के लिए फाइल रेलवे बोर्ड में अटका पड़ा है। पिछली साल फाइनल लोकेशन सर्वे के बाद करीब 900 करोड़ राशि की लागत से सहरसा-मानसी रेल दोहरीकरण कार्य का डीपीआर तैयार किया गया।

अनुमानित लागत में कमी समस्तीपुर मंडल और पूर्व मध्य रेल द्वारा जब इसे स्वीकृति के लिए रेलवे बोर्ड भेजा गया तो कई तरह के अवलोकन के बाद इसकी लागत राशि घटाने के लिए कहा गया...