डीपफेक और साइबर खतरों पर ईयू ने बनाई नई निगरानी टीम
नई दिल्ली, जुलाई 31 -- तेजी से बढ़ रही एआई तकनीक से लोगों, राजनीति और अर्थव्यवस्था पर बढ़ते खतरों के बीच यूरोपीय संघ (ईयू) ने शुक्रवार को दुनिया भर की एआई कंपनियों पर नजर रखने के लिए नई टीम बनाने की घोषणा की। इसे अब तक तकनीकी क्षेत्र पर लागू होने वाले सबसे सख्त नियमों में से एक माना जा रहा है। यह टीम यह निगरानी करेगी कि कहीं एआई मॉडल का इस्तेमाल अश्लील सामग्री, फर्जी फोटो और वीडियो (डीपफेक) या सार्वजनिक ढांचे पर साइबर हमलों जैसे कामों में तो नहीं किया जा रहा है।यूरोपीय संघ का एआई एक्ट रविवार से लागू हो जाएगा। इसके तहत एआई कंपनियों को यह स्पष्ट करना होगा कि चैटबॉट या तस्वीरें और वीडियो एआई से बनाए गए हैं। यह भी पढ़ें- साइबर ठगी का नया स्वरूप: धोखाधड़ी के वे तरीके जिनकी जानकारी हर भारतीय के लिए आवश्यक है इसके लिए उन्हें लेबल या डिजिटल वाटरमा...
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