गोरखपुर, अगस्त 19 -- गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महाराणा प्रताप परिसर में 'श्रीगोरक्ष औषधि वाटिका' का उद्घाटन कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। कुलपति ने औषधीय पौधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में वनस्पतियों का स्वास्थ्य, पर्यावरण और मानव जीवन से गहरा संबंध रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में ऐसी वाटिका की स्थापना विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आमजन को औषधीय पौधों की पहचान, उपयोगिता तथा संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गोरक्षनाथ शोधपीठ के उप निदेशक डॉ. कुशल नाथ मिश्र ने बताया कि श्रीगोरक्ष औषधि वाटिका में हैमिलिया, इक्ज़ोरा, सीता-अशोक, रुद्राक्ष, नागकेसर, पनियाला, श्योनक, कचनार, सर्पगंधा, सैगो पाम, साइकस तथा गोल्डेन साइप्रस पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों के माध्यम से विद्यार्थि...