गोरखपुर, फरवरी 25 -- गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद एशियाई अध्ययन संस्थान, कोलकाता (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) के सहयोग से बृहत्तर भारत: एशियाई देशों को जोड़ना विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 25 और 26 मई को होगा। यह जानकारी संगोष्ठी के संयोजक दर्शनशास्त्र विभाग के समन्वयक डॉ. संजय कुमार राम और सह-संयोजक अंग्रेजी विभाग के डॉ. संजीव कुमार विश्वकर्मा ने दी। बताया कि संगोष्ठी 'बृहत्तर भारत' के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक आयामों की पड़ताल करने का प्रयास करेगी, जो औपनिवेशिक इतिहासलेखन से परे जाकर एशिया में भारतीय विचार के जैविक प्रसार का अन्वेषण करती है। इसका मुख्य तर्क यह है कि वैदिक, बौद्ध और जैन दर्शन के संश्लेषण ने एक ऐसा सभ्यतागत ढांचा प्रदान किया जिसने प...