गोरखपुर, सितम्बर 12 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय अब विभागों के संसाधनों और शिक्षकों की विशेषज्ञता का अधिक प्रभावी इस्तेमाल करेगा। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने अहम फैसला लिया है। वह विभागों का दौरा कर उपलब्ध प्रयोगशालाओं, उपकरणों और अन्य संसाधनों के साथ शिक्षकों की विषयगत विशेषज्ञता और शोध कार्यों की जानकारी जुटाएंगे। इसी के आधार पर विभागों को शोध सहित अन्य कामों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। कुलपति के विभागीय दौरे के दौरान यह देखा जाएगा कि उपलब्ध संसाधनों का अभी किस तरह उपयोग हो रहा है और उन्हें और बेहतर तरीके से कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही शिक्षकों के शोध, विषय विशेषज्ञता और अनुभव को भी आकलन में शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य विभागों की क्षमता के अनुसार उन्हें नई शैक्षणिक और शोध गतिविधियों स...