कुशीनगर, मई 28 -- कुशीनगर। कुशीनगर जिले में लगातार बनी डीजल की किल्लत अब सीधे खेती-किसानी पर असर डालने लगी है। धान की नर्सरी और खेत तैयार करने का समय चल रहा है, लेकिन डीजल संकट के कारण किसानों की लागत तेजी से बढ़ गई है। ट्रैक्टर मालिक समय पर डीजल नहीं मिलने से परेशान हैं, जबकि किसान बढ़े हुए भाड़े पर खेत की जुताई कराने को मजबूर हो गए हैं। गांवों में हालात ऐसे हैं कि एडवांस लेने के बावजूद ट्रैक्टर समय से खेत तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

जुताई की लागत में वृद्धि जिले के ग्रामीण इलाकों में खेतों की जुताई मुख्य रूप से कल्टीवेटर और हाफसेट से कराई जाती है। कुछ सप्ताह पहले तक कल्टीवेटर से प्रति एकड़ जुताई का खर्च करीब 1,250 रुपये पड़ता था, लेकिन डीजल संकट और बढ़ती लागत के बाद यही खर्च बढ़कर 1,500 रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच गया है। छोटे किसानों पर इ...