नवादा, जून 9 -- वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और जंग की तपिश का सीधा असर अब नवादा जिले की खेती-किसानी पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण घरेलू स्तर पर डीजल और पेट्रोल के दामों में आई तेजी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। नवादा में इस बार खरीफ सीजन में खेती करना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो गया है। खेतों की जोताई, सिंचाई से लेकर खाद-बीज के परिवहन तक, हर मोर्चे पर किसानों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है। ​इस साल जिले में प्रति एकड़ खेती की लागत में 20% से लेकर 30% तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वृद्धि से किसान संकट में पड़ गए हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष खर्चों में बड़ा अंतर किसानों को परेशान कर रहा है, लेकिन कृषि प्रधान नवादा जिले में किसानों के पास खेती के अलावा अन्य कोई ...