बगहा, मई 28 -- पिपरासी,एक संवाददाता। स्थानीय प्रखंड क्षेत्र में सरकारी स्तर से पेट्रोलियम पदार्थों के बिक्री केंद्र नहीं होने व डीजल पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर अब दिखने लगा है। वही डीजल की बढ़ती किल्लत खेती किसानी पर सीधे असर डाल रही है। वर्तमान में धान का बिछड़ा गिराने, गन्ना के पटवन और खेत को रोपनी आदि के लिए तैयार करने का समय चल रहा है। इस दौरान डीजल की बढ़ती कीमत किसानों की लागत को बढ़ा रही है। एक तरफ जहां ट्रैक्टर मालिक डीजल उपलब्ध नहीं होने और गैलन में नहीं मिलने से परेशान है तो दूसरी तरफ किसान डीजल के कीमत के बढ़ने से बढ़े हुए भाड़े से परेशान है। किसानों द्वारा ट्रैक्टर मालिकों को एडवांस देने के बाद भी समय से खेतों की जुताई नहीं हो पा रही है। प्रखंड क्षेत्र में मुख्य रूप से खेतों की जुताई कल्टीवेटर, हाफ़सेट और लोहिया से किया जाता ह...