नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सारा बकाया महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) दो हफ्ते में देने को कहा गया था। सरकार का तर्क है कि इतने कम समय में कुल 14,191 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने का निर्देश संवैधानिक रूप से असंभव है। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के 3 अगस्त के फैसले को चुनौती दी गई है। इस फैसले में राज्य में तैनात ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारियों पर लागू दरों के हिसाब से बकाया भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। याचिका में कहा गया कि इसका पालन करना न केवल मुश्किल है, बल्कि तय समय में यह संवैधानिक रूप से असंभव भी है। अनुच्छेद 266(3) के अनुसार, सं...