नैनीताल, मई 24 -- नैनीताल, संवाददाता। नैनीताल के डीएसबी परिसर के फारेंसिक साइंस विभाग के 'वर्टिकल वर्मी कंपोस्ट विद इंटीग्रेटेड बायोचार एंड इनवायरमेंटल मॉनीटरिंग' डिजाइन को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने मंजूरी दे दी है। इस तकनीक से किसान कम जगह में उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद तैयार कर पाएंगे।ये तकनीक अल्मोड़ा एसएसजे विवि के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट के निर्देशन में डॉ. राशि मिगलानी के नेतृत्व में विकसित की गई है। इस नवाचार में डॉ. मिगलानी के साथ अंकित कुमार, गौरव रावत, डॉ. नगमा परवीन, डॉ. पल्लवी सक्सेना और डॉ. महेंद्र सिंह राणा का भी योगदान रहा। डॉ. राशि मिगलानी ने बताया कि वर्टिकल वर्मी कंपोस्टर शहरी क्षेत्रों और छोटी जगहों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। यह भी पढ़ें- डीएसबी के वर्टीकल वर्मी कंपोस्टर तकनीक को मिला पेटेंट इसमें लगे स...