बिहारशरीफ, फरवरी 21 -- प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने के बाद डीएम ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल का भ्रमण किया। उन्होंने पॉली हाउस में कलर शिमला मिर्च, सीडलेस खीरा, चेरी टमाटर की खेती को देखा। ओपन मैदान में कलर फूलगोभी, कलर बंधागोभी सहित अन्य फसलों की रही खेती का जायजा लिया। हाइड्रोपीनिक तकनीक से की जा रही खेती का मुआयना किया। इसके फायदे के बारे में कर्मियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजस्थान में काफी मरुस्थल है। फिर भी वहां के किसान उन्नत तकनीक को अपनाकर खेती कर रहे हैं। नालंदा की भूमि उपजाऊ है। यहां के किसान भी मेहनती हैं। जरूरत है, खेती के आधुनिक तकनीकी को अपनाने की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.