कानपुर, अप्रैल 18 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। केआईटी के प्रशिक्षण कक्ष में शनिवार सामान्य दिन जैसा कुछ नहीं था। सामने जनगणना की बारीकियां समझाई जा रही थीं और उन्हीं पंक्तियों में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह मतगणना कार्मिकों के साथ बैठकर पूरा सत्र समझ रहे थे। फील्ड ट्रेनर आलोक यादव द्वारा संचालित प्रशिक्षण सत्र को जिलाधिकारी ने ध्यानपूर्वक देखा। बीच-बीच में कार्मिकों से संवाद कर उन्होंने उनकी समझ परखी और उन्हें इस दायित्व की महत्ता समझाई। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यही आंकड़े आगे चलकर देश की नीतियों की दिशा तय करते हैं। जनगणना-2027 के तहत प्रथम चरण में 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर मकानों और जनसंख्या का विवरण संकलित करेंगे।

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