रायबरेली, अप्रैल 9 -- रायबरेली, संवाददाता। परिवारिक पेंशन के लिए भटक रही महिला को डीएम की त्वरित कार्यवाही से लाभ मिल गया। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ और वष्ठि कोषाधिकारी ने मिलकर कुछ ही घंटे में उसको चौदह वर्षों का लाभ दिला दिया। त्वरित लाभ पाते ही पीड़िता के आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। गुरुवार को डीएम हर्षिता माथुर जन सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान उनके समक्ष छोटी केसरिया निवासी ऊषा सिंह पुत्री स्वर्गीय शिवबक्श सिंह ने परिवारिक लाभ न मिलने की शिकायत की। उसने बताया कि उसके पिता पंचायत सचिव थे उनके निधन के बाद उसे परिवारिक पेंशन मिल रही थी लेकिन वर्ष 2012 तक पेंशन मिली लेकिन इसके बाद बंद हो गयी। जबकि सरकार का आदेश है कि जब सरकारी कर्मचारी की पुत्री अविवाहित होगी तब उसे पेंशन दी जाएगी। इसलिए उसे पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। इस पर डीएम ने डीपीआर...