दरभंगा, जून 7 -- संजय लाला,दरभंगा। एनीमिया व थ्रोम्बोसाइटोपेनिया की एक साथ समस्या उत्पन्न होने से व्यक्ति ल्यूकेमिया या एप्लास्टिक एनीमिया और आटोइंयून विकार जैसे गंभीर संक्रमण का शिकार बन सकता है। इसके निदान के लिए सीबीसी और पेरिफेरल ब्लड स्मीयर (पीबीएस) करना चाहिए। ये बातें शनिवार को डीएमसीएच ऑडिटोरियम में पटना एम्स के चिकित्सक डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने कही। उन्होंने इंडियन सोसाइटी आफ हेमेटोलॉजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन की ओर से सीएमई एवं क्विज में छात्रों के प्रश्नों के उत्तर भी दिये। डॉ. अरविंद कुमार ने पैथोलोजी जांच से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आधुनिक जांच पद्धतियों, रक्त संबंधी रोगों की पहचान तथा सटीक निदान में पैथोलोजी की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। यह भी पढ़ें- एआई से ऑटोइम्यून विकारों की प...