लखनऊ, अगस्त 24 -- मोहनलालगंज क्षेत्र में आठ वर्षीय बच्चे के साथ कथित यौन अपराध के मामले में मेडिकल और फोरेंसिक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने नाराजगी जताई है। न्यायालय ने सरकारी लापरवाही पर तल्ख टिप्पणी करते हुए, कहा कि पीड़ित बच्चे को समय पर और संवेदनशील तरीके से चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए थी, लेकिन उसे एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजा जाता रहा। स्वैब किट सही तरीके से सील नहीं होने के कारण डीएनए विश्लेषण नहीं किया जा सका और संबंधित रिपोर्ट भी तैयार नहीं हो सकी। न्यायालय ने इन टिप्पणियों के साथ अभियुक्त की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव भारती की एकल पीठ ने अभियुक्त जितेंद्र की जमानत याचिका को मंजूर करते हुए पारित किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के पाया कि 13 अप्रैल 2025 को घटना की प्रा...