जामताड़ा, जून 5 -- इंद्रजीत, बिंदापाथर। एक समय था जब Rs.1 और Rs.2 के सिक्कों की खनखनाहट बाजारों में आम बात थी। छोटी खरीदारी से लेकर रोजमर्रा के लेन-देन तक इन सिक्कों का खूब इस्तेमाल होता था। लेकिन अब नाला बाजार सहित आसपास के क्षेत्रों में इनका प्रचलन लगातार कम होता जा रहा है। स्थिति यह है कि कई दुकानदार खुले पैसे के बदले ग्राहकों को चॉकलेट या टॉफी देकर हिसाब पूरा कर रहे हैं। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने Rs.1 और Rs.2 के सिक्कों को बंद नहीं किया है। ये आज भी पूरी तरह वैध मुद्रा हैं और बैंकों में उपलब्ध भी हैं। इसके बावजूद बाजार में इनकी मांग लगातार घट रही है। इधर बाजार के व्यवसायियों का कहना है कि छोटे सिक्कों का उपयोग पहले की तुलना में काफी कम हो गया है।

बदल रही है बाजार की प्रवृत्ति बैंक में उपलब्धता और वैध मुद्रा होने के बावजूद...