पटना, जुलाई 22 -- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने राष्ट्रीय प्रसारण दिवस के अवसर पर कहा कि रेडियो डिजिटल युग में भी प्रासंगिक है और इसका प्रसारण न केवल समाचार और मनोरंजन का स्रोत है, बल्कि वे सामाजिक परिवर्तन के सूत्रधार भी है। चाहे आपदा हो या उत्सव, प्रसारण हर पल जनता के साथ खड़ा रहता है। यह दिन भारतीय रेडियो के इतिहास में उसके गौरवशाली प्रसारण का प्रतीक है। ध्यातव्य है कि वर्ष 1927 में इसी दिन भारत में पहली बार रेडियो प्रसारण की शुरुआत हुई थी। इसकी शुरुआत बॉम्बे (अब मुंबई) से इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी की ओर से की गई थी, जो बाद में ऑल इंडिया रेडियो में विलय हो गई। यह भी पढ़ें- विस अध्यक्ष ने बाल गंगाधर तिलक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी ऑल इंडिया रेडियो को आकाशवाणी भी कहा गया। यह दिन मीडिया की स्वतंत्रता, जनजागरूकता और सांस्कृतिक विविधत...