प्रयागराज, दिसम्बर 9 -- प्रयागराज। जनकवि कैलाश गौतम के बहुआयामी व्यक्तित्व और उनकी समग्र रचनाओं को डिजिटल दस्तावेज के रूप में दिखाई देगा। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए भी उनकी रचनाओं का पाठ आमजन तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीम साहित्यिक, सांस्कृतिक व सरकारी संस्थाओं से संपर्क कर रही है। अगले वर्ष माघ मेले के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति से पहले डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा हो जाएगा। जनकवि की रचनाधर्मिता को डिजिटाइजेशन करने का प्रयास उनके बेटे व कैलाश गौतम सृजन संस्थान के अध्यक्ष डॉ. श्लेष गौतम कर रहे हैं। डॉ. गौतम ने बताया कि उनकी सीली माचिस की तीलियां, जोड़ा ताल, तीन चौथाई आन्हर व बिना कान का आदमी, बाल कविताओं का संग्रह बस्ते का गुलदस्ता व वीर बहादुर बच्चे डिजिटल दस्तावेज में प्रमुख रूप से रहेंगे। दस्तावेज में जनक...
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