किशनगंज, अप्रैल 2 -- किशनगंज। स्वास्थ्य सेवाओं में भीड़, अव्यवस्था और लंबे इंतजार की समस्या वर्षों से आमजन के लिए गंभीर चुनौती बनी रही है, जिसके कारण न केवल उपचार में विलंब होता था बल्कि मरीजों की संतुष्टि भी प्रभावित होती थी। ऐसे परिदृश्य में डिजिटल कतार प्रबंधन प्रणाली और भव्या ऐप जैसी पहलें स्वास्थ्य व्यवस्था में एक संरचनात्मक परिवर्तन के रूप में उभरकर सामने आई हैं। इन तकनीकी उपायों ने सेवाओं को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है, जिससे मरीजों को समयबद्ध और सम्मानजनक उपचार मिल रहा है। यह पहल सरकार की उस स्पष्ट मंशा को दर्शाती है, जिसके तहत अंतिम व्यक्ति तक सुलभ, प्रभावी और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। ओपीडी पंजीकरण में बढ़ोतरी, आंकड़े खुद बता रहे बदलाव की कहानीजिले में मार्च 2026 में कुल 30,732 मर...