लखनऊ, दिसम्बर 12 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रदेश के विभिन्न अभियंत्रण विभागों के अंतर्गत जूनियर इंजीनियरों की बड़ी संख्या में रिक्तियों के मामले में डिग्रीधारकों की ओर से दाखिल दो रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया है। पहली याचिका न्यायालय ने इस आधार पर खारिज की है कि याची की ओर से बार-बार नए प्रार्थना पत्र तथा नए दस्तावेज प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी जा रही थी जबकि पहले से ही याचिका में 600 से अधिक पृष्ठों के दस्तावेज दाखिल किए जा चुके थे। न्यायालय ने इस याचिका को खारिज करते हुए याची ग्रेजुएट इंजीनियरिंग स्टूडेंटस वेलफेयर एसोसिएशन को नई याचिका यथोचित प्रार्थना व अभिवचनों (प्लीडिंग्स) के साथ दाखिल करने की अनुमति दी है। वहीं शुभम चंद्र त्रिपाठी व अन्य की ओर से इसी मामले में दाखिल दूसरी याचिका पर बहस के लिए उनकी ओर से किसी अधिवक्ता के न हाजिर...
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